Success story: पूर्णिया के डॉ.तारकेश्वर कुमार ने यह साबित कर दिया कि सफलता सुख-सुविधाओं की नहीं, बल्कि संघर्षों की मोहताज होती है. कटिहार के मनिहारी से निकलकर, नंगे पांव चलकर और सामाजिक तानों को सहकर उन्होंने न केवल डॉक्टरी की डिग्री हासिल की, बल्कि अपने पिता के सपनों को हकीकत में बदला. आज वे ₹100 फीस लेकर सेवा भाव की एक नई मिसाल पेश कर रहे हैं, जो समाज के लिए एक बड़ी प्रेरणा है.
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