हबीब खोराकीवाला 83 साल की उम्र में भी नई दवाओं के लिए रिसर्च की दौड़ में सबसे आगे हैं. उनकी बनाई 'ज़ैनिच' दुनिया की अगली जीवनरक्षक दवा बन सकती है. इस तरह भारत में वो एंटीबायोटिक बनेगी, जो दुनियाभर के अस्पतालों में लाइफलाइन बन सकती है.
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